देसी भाभी की वो चुदाई जो सबसे छुपाई गई

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देसी भाभी सेक्स स्टोरी

मेरा नाम आशीष है। मैं 26 साल का जवान लौंडा हूं जो अपने माता-पिता के साथ रहता हूं। हमारे पड़ोस में एक नया परिवार आया। उनकी बहू खुशी… बहुत माल थी। 28 साल की, गोरी चिट्टी, 36-28-38 का फिगर, बड़े-बड़े दूध जो किसी भी लौंडे को पागल बना दें। देसी भाभी सेक्स स्टोरी की शुरुआत उसी दिन से हुई जब मैंने पहली बार उसे देखा।

वो अपने घर के बरामदे में खड़ी थी, नीली साड़ी में, पसीने से चमकता हुआ बदन। मैं उसे देखता ही रह गया। उसकी गांड का साइज देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। “कौन है ये माल?” मैंने सोचा। मेरी मां ने बताया, “यह है पड़ोस की खुशी भाभी, उनके पति अक्सर बाहर रहते हैं।” मेरे मन में ख्याल आया – देसी भाभी सेक्स स्टोरी का मुखड़ा मिल गया।

शाम को जब वो अपने घर के बाहर कपड़े सुखा रही थी, मैंने उसे घूरना शुरू किया। उसकी साड़ी का पल्लू कंधे से गिरा हुआ था, गोरा बदन दिख रहा था। मेरा लंड अंडरवियर में तनकर उसकी तरफ इशारा कर रहा था। वो मुझे देखकर मुस्कुराई। एक शरारती मुस्कान जो कह रही थी – “आ जाओ लौंडे, मैं तैयार हूं।” यह नई भाभी की एंट्री ड्रामा था जो मेरी जिंदगी में कामुकता लेकर आया।

छत पर पहली मुलाकात और इशारे

अगले दिन सुबह, मैं छत पर गया कपड़े सुखाने। खुशी भाभी भी वहां थी, सफेद रंग की ट्रांसपेरेंट साड़ी में। पसीने से उसका ब्लाउज चिपका हुआ था, ब्रा का हुक साफ दिख रहा था। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। “सुबह-सुबह कौन सा काम है आशीष जी?” उसने पूछा, आंखों में चमक लिए। “कपड़े सुखाने आया था भाभी जी,” मैंने कहा, नजरें उसके बदन पर टिकाए।

उसने नोटिस किया। वो मेरे पास आई, इतनी करीब कि उसके दूध मेरे हाथ से छू सकते थे। “गर्मी बहुत है ना,” उसने कहा और अपने हाथ से गर्दन का पसीना पोंछा। मैं उसकी गर्दन को घूरता रहा, कामुकता से भरा हुआ। देसी भाभी सेक्स स्टोरी अब शुरू हो चुकी थी। “आशीष जी, आप कुछ काम करते हो या सिर्फ घूरते हो?” उसने शरारत से पूछा।

“भाभी जी, आपकी खूबसूरती में कोई कैसे ध्यान न दे,” मैंने हिम्मत करके कहा। वो मुस्कुराई, “बड़े शरारती हो तुम।” उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखा, उंगलियों से सहलाया। मेरा लंड फनफना उठा। यह देसी भाभी का प्यार नहीं, सिर्फ कामुकता थी। हम दोनों एक-दूसरे को घूरते रहे, आंखों में गंदी इच्छाएं लिए।

रात का पहला मिलना और चुंबन

उसी रात, करीब 11 बजे, मेरी खिड़की पर खटखटाहट हुई। मैंने देखा – खुशी भाभी, काले रंग की नाइटी में, बाल खुले, होंठों पर लाल लिपस्टिक। “आशीष, दरवाजा खोलो,” उसने फुसफुसाया। मैंने चुपचाप दरवाजा खोला। वो अंदर आई, इत्र की खुशबू से महकती हुई। “क्यों आई हो भाभी जी?” मैंने पूछा, जानबूझकर अनजान बनकर। “तुम्हें चाहने आई हूं लौंडे,” उसने कहा और मेरे गले लग गई।

उसके बड़े दूध मेरे सीने से दबे हुए थे। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। रात का सीक्रेट सेक्स एपिसोड शुरू हो चुका था। मैंने भी उसे पकड़ लिया, हाथ उसकी कमर पर रखे, गांड को सहलाने लगा। “अहहह… हां… सहलाओ…” वो सिसकी।

मैंने उसका चेहरा ऊपर उठाया और होंठों पर होंठ रख दिए। एक गहरा, रसीला चुंबन। हम दोनों एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे, लार का आदान-प्रदान हो रहा था। देसी भाभी सेक्स स्टोरी का पहला कदम था।

मैंने उसकी नाइटी के ऊपर से ही उसके दूध दबाने शुरू किए। “म्म्म… और जोर से… दबाओ…” वो कराही। उसके निप्पल कड़े हो गए थे, नाइटी के ऊपर से ही दिख रहे थे।

मैंने एक हाथ नीचे किया, उसकी गांड पर रखा। क्या मोटी गांड थी! एकदम गोल, मुलायम, टाइट। मैंने दबाया,

“ऊहहह… हां… मजा आ रहा है…” वो बोली।कपड़े उतारना और नंगा बदन

मैंने उसकी नाइटी उतारने की कोशिश की। “धीरे लौंडे, जल्दी मत करो,” उसने कहा। “सब्र नहीं हो रहा भाभी,” मैंने कहा और उसकी नाइटी एक झटके में उतार दी। वो केवल ब्रा और पैंटी में थी। क्या बदन था! गोरा, चिकना, एकदम मक्खन जैसा। उसके पेट पर कोई जिद्द नहीं, एकदम सपाट। नाभि गहरी, कामुक। मैंने उसकी ब्रा खोली। दो गोरे-गोरे दूध बाहर आए, गुलाबी निप्पल्स के साथ।

“चूसो इन्हें… बहुत दिनों से किसी ने नहीं चूसे…” वो कहने लगी। मैंने एक दूध अपने मुंह में लिया और चूसना शुरू किया। “अहहह… हां… और जोर से… चूसो…” वो सिर हिला रही थी। मैं दूसरे हाथ से दूसरा दूध दबा रहा था। देसी घर की छुपी हुई सेक्स कहानी का पहला दृश्य था। फिर मैं नीचे गया, उसकी पैंटी पर चूमने लगा। “ऊहहह… वहां मत… गंदा है…” वो शर्माई।

“कुछ नहीं भाभी, सब साफ कर दूंगा,” मैंने कहा और उसकी पैंटी उतार दी। एक साफ-सुथरी चूत, थोड़ी बाल वाली, गुलाबी। मैंने उसे चाटना शुरू किया। “अहहह… हां… चाटो… बहुत मजा आ रहा है…” वो टांगें फैलाकर लेट गई।

पहली चुदाई और कसके धक्के

मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरा 7 इंच का लंड बाहर निकला, एकदम कड़क, नसों से भरा हुआ। खुशी भाभी की आंखें चौड़ी हो गईं। “वाह! कितना बड़ा है तुम्हारा! मेरे पति का तो आधा है,” वो बोली। मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और लंड चूत के मुंह पर रखा। “धीरे डालना लौंडे, पहली बार इतना बड़ा ले रही हूं,” वो कहने लगी। मैंने धीरे से धक्का दिया।

आधा लंड अंदर गया। “अहहह… बहुत मोटा है… दर्द हो रहा है…” वो चीखी। मैंने रुककर उसके दूध दबाए, फिर एक जोर का धक्का दिया। पूरा लंड अंदर समा गया। “ऊहहह… मर गई… बहुत गहरा जा रहा है…” वो चिल्लाई।

मैंने धीरे-धीरे अपने हिलना शुरू किया। “कैसा लग रहा है भाभी?” मैंने पूछा। “बहुत अच्छा… और तेज़ करो… चोदो मुझे…” वो कहने लगी। देसी भाभी सेक्स स्टोरी का पहला राउंड था। मैंने तेज़ी से धक्के लगाने शुरू किए।

धप्प… धप्प… धप्प… की आवाजें गूंज रही थीं। “ऊहहह… हां… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… बहुत मजा आ रहा है…” वो चीख रही थी। मैंने 15 मिनट तक उसे चोदा, फिर मैं झड़ गया। उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया।

दूसरा राउंड और अलग पोजीशन

थोड़ी देर आराम करने के बाद, खुशी भाभी ने कहा, “अभी तो तुम्हारा लंड खड़ा होना चाहिए लौंडे, मैं अभी तक संतुष्ट नहीं हुई।” मैंने देखा, मेरा लंड फिर से खड़ा हो रहा था। “कैसे चोदूं भाभी?” मैंने पूछा। “घोड़ी बनाओ मुझे, पीछे से चोदो,” वो कहने लगी। वो घुटनों और हाथों पर आ गई, गांड मेरी तरफ उठाई हुई। क्या नजारा था! गोरी गांड, गुलाबी चूत, सब कुछ दिख रहा था।

मैंने पीछे से अपना लंड डाला। “अहहह… पीछे से और भी गहरा जा रहा है…” वो चीखी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू किए। थप्प… थप्प… थप्प… की आवाजें। “ऊहहह… हां… और तेज़… फाड़ दो… मेरी चूत फाड़ दो…” वो चिल्ला रही थी। मैंने एक हाथ नीचे किया और उसके दूध दबाने लगा।

“म्म्म… हां… दबाओ… चोदो… एक साथ करो…” वो कह रही थी। देसी भाभी सेक्स, रोमांस और ड्रामा का सबसे गरम हिस्सा था। 20 मिनट तक पीछे से चुदाई के बाद, वो झड़ गई। उसकी चूत से पानी निकला, मेरे लंड को गीला कर दिया। फिर मैंने भी अपना पानी उसकी गांड पर निकाल दिया।

तीसरा राउंड और मुंह की चुदाई

“अभी और चोदो लौंडे,” खुशी भाभी ने कहा। “कैसे भाभी? तीन बार हो गया,” मैंने कहा। “इस बार मेरे मुंह में डालो, मैं चूसूंगी,” वो कहने लगी। मैंने लेट गया, वो मेरे ऊपर आई। उसने मेरा लंड अपने हाथ में लिया, चटाई, फिर मुंह में ले लिया। “ऊहहह… भाभी… बहुत मजा आ रहा है…” मैं कराह उठा। वो लंड को जीभ से चाट रही थी, फिर गहराई तक मुंह में ले रही थी।

“अहहह… और जोर से चूसो…” मैं कह रहा था। उसने मेरे अंडे भी चाटे, एक-एक करके मुंह में लिए। “म्म्म… क्या टेस्ट है तुम्हारा…” वो बोली। फिर वो फिर से मेरे लंड पर बैठ गई। इस बार वो खुद हिलने लगी, ऊपर-नीचे। “देखो लौंडे, मैं कैसे चुदवाती हूं,” वो कहने लगी। उसकी चूत मेरे लंड पर तेज़ी से हिल रही थी। दूध उछल-उछल कर हिल रहे थे। मैंने उसके दूध पकड़े और दबाने लगा।

“ऊहहह… हां… दबाओ… चोदो… मैं झड़ने वाली हूं…” वो चीखी। भाभी की चुदाई की सीक्रेट कहानी का सबसे मजेदार हिस्सा था। वो झड़ गई, फिर मैंने उसे पलटा और उसकी गांड में अपना लंड डाल दिया। “अहहह… गांड में? पहली बार…” वो चीखी। “सहन करो भाभी, मजा आएगा,” मैंने कहा और धक्के लगाने शुरू किए।

गांड की चुदाई और जोरदार धक्के

“अहहह… बहुत तंग है… धीरे…” वो चीख रही थी। मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाए, फिर तेज़ कर दिया। “ऊहहह… हां… अब मजा आ रहा है… और तेज़ करो…” वो कहने लगी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए।

थप्प… थप्प… थप्प… की आवाजें गूंज रही थीं। उसकी गोरी गांड लाल हो गई थी, लेकिन वो मजे ले रही थी। “फाड़ दो मेरी गांड… बहुत दिनों से नहीं चुदी…” वो कह रही थी। मैंने 25 मिनट तक उसकी गांड चोदी, फिर उसके अंदर ही झड़ गया।

गर्म गर्म पानी उसकी गांड में भर गया। “ऊहहह… क्या गरमाहट है… मजा आ गया…” वो बोली। हम दोनों थक कर लेट गए। इंडियन भाभी सेक्स स्टोरी का पहला रात भर का सेशन था। सुबह 4 बजे वो अपने घर गई, लेकिन कहकर गई – “रोज़ आऊंगी लौंडे, तुम्हारा लंड बहुत पसंद आया।”

रोज़ की चुदाई और नए तरीके

अगले दिन से, खुशी भाभी रोज़ रात को मेरे कमरे में आने लगी। कभी 10 बजे, कभी 11 बजे, कभी 12 बजे। हम दोनों रात भर चुदाई करते, अलग-अलग तरीकों से, अलग-अलग पोजीशन में।

एक रात उसने कहा, “आज कुछ नया करते हैं लौंडे।” “क्या भाभी?” मैंने पूछा। “आज तुम मुझे बाथरूम में चोदो,” वो कहने लगी। हम बाथरूम में गए। उसने शावर चालू किया, पानी दोनों पर गिर रहा था। वो गीली हो गई, उसके कपड़े उसके बदन से चिपक गए।

मैंने उसे दीवार से सटाया और पीछे से लंड डाल दिया। “अहहह… पानी में चुदाई… बहुत मजा आ रहा है…” वो कह रही थी। मैंने उसके दूध दबाए, पानी में गीले हो रहे थे। हॉट देसी स्टोरी इन हिंदी का सबसे गरम दृश्य था।

फिर हम टब में गए, वो मेरे ऊपर बैठी, मैं नीचे लेटा हुआ था। वो खुद हिल रही थी, पानी उछल रहा था। “ऊहहह… हां… और तेज़…” वो चीख रही थी।

एक दिन सुबह, जब सब सो रहे थे, खुशी भाभी किचन में आई। मैं भी वहां था, पानी पीने। उसने पीछे से मेरा लंड पकड़ लिया। “क्या कर रही हो भाभी?” मैंने पूछा। “चोदो मुझे यहीं, अभी,” वो कहने लगी। उसने अपनी साड़ी उठाई, पैंटी साइड में की।

मैंने पीछे से लंड डाल दिया।

“अहहह… रसोई में चुदाई… बहुत मजा आ रहा है…” वो सिसकी।

मैंने उसकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के लगाए। थप्प… थप्प… थप्प… की आवाजें।

किचन में सामान हिल रहा था, बर्तन बज रहे थे। “और तेज़… कोई आ जाएगा…” वो कह रही थी। मैंने 5 मिनट में ही अपना काम खत्म किया, उसकी चूत में पानी छोड़ दिया। नई भाभी की चुदाई का राज़ अब रोज़ खुल रहा था। देसी भाभी सेक्स स्टोरी का रोज़ का हिस्सा बन चुका था।

छत पर खुले में चुदाई

एक रात, खुशी भाभी ने कहा, “आज छत पर चलते हैं, खुले में चुदाई करेंगे।” हम छत पर गए। चांदनी रात थी, ठंडी हवा चल रही थी। उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए, पूरी नंगी हो गई। “देखो लौंडे, मेरा बदन, चांदनी में कैसा लग रहा है,” वो कहने लगी।

मैं भी नंगा हो गया। हम दोनों छत पर नंगे खड़े थे, एक-दूसरे को देख रहे थे। फिर मैंने उसे फर्श पर लिटाया और चूत में लंड डाल दिया। “अहहह… खुले में चुदाई… बहुत मजा आ रहा है…” वो कह रही थी।

मैंने उसके दूध दबाए, चूसे, चाटे। हम दोनों चांद के नीचे चुदाई कर रहे थे। सगी भाभी की चुदाई की कहानी का सबसे रोमांचक हिस्सा था। 30 मिनट तक चुदाई के बाद, हम दोनों एक साथ झड़े। मैंने अपना पानी उसकी चूत में छोड़ा, वो भी झड़ गई।

एक रात, खुशी भाभी ने कहा, “मैं चाहती हूं कि आज तुम्हारा दोस्त भी आए, दोनों मिलकर चोदो मुझे।” मैंने अपने दोस्त राहुल को बुलाया। वो भी तैयार हो गया। रात को, हम दोनों खुशी भाभी के साथ थे। वो एक हाथ से मेरा लंड, दूसरे हाथ से राहुल का लंड पकड़े हुए थी। “दोनों बड़े मोटे हो,” वो कह रही थी। फिर वो राहुल का लंड चूसने लगी, मैं उसकी चूत चाटने लगा।

“अहहह… दो लौंडे… बहुत मजा आ रहा है…” वो सिसक रही थी। फिर मैंने उसकी चूत में लंड डाला, राहुल ने उसके मुंह में।

दोनों तरफ से चुदाई हो रही थी। “ऊहहह… हां… और तेज़… दोनों मिलकर चोदो…” वो चीख रही थी। हिंदी रोमांटिक सेक्स स्टोरी का सबसे गरम हिस्सा था। 40 मिनट तक दोनों ने उसे चोदा, फिर दोनों ने उसके मुंह में अपना पानी छोड़ा।

अगले दिन, खुशी भाभी ने कहा, “कल मजा आया, लेकिन आज सिर्फ तुम चोदो मुझे, अकेले।” हम फिर रसोई में गए। इस बार उसने मेज पर बैठने को कहा। उसने अपनी साड़ी उठाई, मेज पर लेट गई। मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और लंड डाल दिया।

“अहहह… मेज पर चुदाई… बहुत गहरा जा रहा है…” वो चीखी।

मैंने जोर-जोर से धक्के लगाए। मेज हिल रही थी, बर्तन गिर रहे थे।

“और तेज़… फाड़ दो…” वो चिल्ला रही थी।

मैंने उसके दूध कसकर दबाए, निप्पल खींचे।

“दर्द हो रहा है… लेकिन मजा आ रहा है…” वो कह रही थी। 

देसी भाभी हिंदी कहानी का सबसे जोरदार हिस्सा था। 35 मिनट तक मेज पर चुदाई के बाद, मैंने उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया।

बाथरूम में अनल सेक्स

एक रात, खुशी भाभी ने कहा, “आज मेरी गांड मारो, बहुत दिनों से नहीं चुदी।” हम बाथरूम में गए। उसने तेल लगाया अपनी गांड पर। मैंने पीछे से लंड डाला। “अहहह… धीरे… बहुत मोटा है…” वो चीखी।

मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाए, फिर तेज़ कर दिया। “ऊहहह… हां… अब मजा आ रहा है… और तेज़…” वो कहने लगी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के मारे। थप्प… थप्प… थप्प… की आवाजें गूंज रही थीं।

उसकी गांड एकदम लाल हो गई थी। “फाड़ दो… बहुत मजा आ रहा है…” वो चीख रही थी। भाभी के साथ क्या हुआ स्टोरी का सबसे गरम हिस्सा था। 30 मिनट तक गांड मारने के बाद, मैंने उसके अंदर ही झड़ दिया।

69 पोजीशन और आपस में चुदाई

एक रात, हमने 69 की पोजीशन ट्राई की। वो मेरे ऊपर लेटी, मैं नीचे। उसका मुंह मेरे लंड के पास, मेरा मुंह उसकी चूत के पास। हम दोनों एक-दूसरे को चाट रहे थे, चूस रहे थे। “म्म्म… क्या स्वाद है तुम्हारा…” वो बोली।

मैं भी उसकी चूत को जीभ से चाट रहा था, क्लिटोरिस चूस रहा था। “अहहह… हां… वहीं… और जोर से…” वो कह रही थी। फिर वो मेरे लंड पर बैठ गई और खुद हिलने लगी। “देखो… मैं कैसे चुदवाती हूं…” वो कहने लगी।

मैं नीचे से धक्के भी दे रहा था। “ऊहहह… हां… और तेज़… मैं झड़ने वाली हूं…” वो चीखी। देसी भाभी का प्यार नहीं, सिर्फ कामुकता थी। हम दोनों एक साथ झड़े।

एक रात, हम सोफे पर चुदाई करने लगे। वो सोफे पर बैठी, मैं खड़ा हुआ। उसने मेरा लंड अपने मुंह में लिया, चूसा। फिर मैंने उसे सोफे पर लिटाया, एक टांग सोफे पर रखी, एक नीचे।

इस पोजीशन में उसकी चूत बिल्कुल खुली थी। मैंने लंड डाला और जोर-जोर से धक्के लगाए। “अहहह… यह पोजीशन बहुत अच्छी है… बहुत गहरा जा रहा है…” वो कह रही थी। मैंने उसके दूध दबाए, खींचे। “दर्द हो रहा है… लेकिन मजा आ रहा है…” वो चीख रही थी। देसी भाभी छुपी कहानी हिंदी में का सबसे मजेदार हिस्सा था। 40 मिनट तक चुदाई के बाद, मैंने उसके मुंह में अपना पानी छोड़ दिया।

खुशी भाभी ने कहा, “आज फिर से मेरी गांड मारो, बहुत मजा आया था पिछली बार।” मैंने उसे घोड़ी बनाया, गांड में थूक लगाया और लंड डाल दिया। “अहहह… पहले से ज़्यादा मोटा लग रहा है…” वो चीखी। मैंने जोर-जोर से धक्के लगाए।

थप्प… थप्प… थप्प… की आवाजें। “ऊहहह… हां… फाड़ दो… बहुत मजा आ रहा है…” वो चिल्ला रही थी। मैंने 45 मिनट तक उसकी गांड मारी, फिर उसके अंदर ही झड़ गया। भाभी की सेक्स कहानी हिंदी में सबसे गरम हिस्सा था।

बेडरूम में पूरी रात चुदाई

एक रात, हमने पूरी रात चुदाई की। 8 बजे से सुबह 5 बजे तक। बारी-बारी से अलग-अलग पोजीशन में। मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, 69, स्टैंडिंग, बाथरूम, किचन – हर जगह। “आशीष, तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है, मेरे पति से बेहतर,” वो कह रही थी। “भाभी, आपकी चूत भी बहुत टाइट है,” मैं कह रहा था। हम दोनों रात भर चुदाई करते रहे, थककर सो जाते, फिर उठकर फिर चुदाई करते। देसी भाभी सेक्स, रोमांस और ड्रामा का सबसे लंबा सेशन था। सुबह जब वो गई, वो बिल्कुल थकी हुई थी, लेकिन खुश थी।

कुछ महीनों बाद, खुशी भाभी के पति को ट्रांसफर हो गया, उन्हें शहर छोड़ना पड़ा। अंतिम रात, हमने जोरदार चुदाई की। “आशीष, आज आखिरी बार है, जी भरकर चोदो,” वो कहने लगी। मैंने उसे हर तरह से चोदा – चूत, गांड, मुंह – हर जगह। “अहहह… हां… आखिरी बार… और जोर से…” वो चीख रही थी। मैंने 3 घंटे तक लगातार चुदाई की, फिर उसकी चूत में आखिरी बार अपना पानी छोड़ा। “याद रखना लौंडे, मैं हमेशा तुम्हारी रहूंगी,” वो कहकर चली गई। देसी कहानी हिंदी में का अंत था। देसी भाभी सेक्स स्टोरी हमेशा याद रहेगी

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