देसी भाभी :- सगी भाभी ने कॉल बॉय बुलाया

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 देसी भाभी

मैं एक कॉल बॉय हूं, मेरा नाम राहुल है। मेरी उम्र 24 साल है और मैं दिल्ली में रहता हूं। मेरी जिंदगी की सबसे रोमांचक और सेक्सी कहानी मैं आज आपके सामने रखने जा रहा हूं। यह कहानी देसी भाभी सेक्स की दुनिया में ले जाएगी, जहां एक भारतीय देसी भाभी मेरी क्लाइंट बनी और वो मेरी अपनी सगी भाभी निकली।


पहला अनुभव: कॉल बॉय बनने की शुरुआत

मैंने कॉल बॉय का काम शुरू किया तो मुझे नहीं पता था कि एक दिन मुझे इतना मजा आने वाला है। मेरी पहचान इस काम में “रोहन” के नाम से होती है। मैं एक एस्कॉर्ट एजेंसी के जरिए काम करता हूं जहां अमीर औरतें और लड़कियां देसी भाभी सेक्स के लिए लड़कों को बुक करती हैं।

एक दिन मेरे एजेंट ने मुझे फोन किया, “रोहन, एक नई क्लाइंट है, बहुत अमीर घर की है, पैसे अच्छे देगी। लोकेशन साउथ दिल्ली की है।”

मैंने पूछा, “क्या नाम है उनका?”

“उन्होंने अपना नाम नहीं बताया, सिर्फ यह कहा है कि एक यंग बॉय चाहिए जो उन्हें संतुष्ट कर सके। यह हॉट भाभी सेक्स चाहती है और तैयारी के लिए 50,000 रुपये भी देगी।”

मेरे मन में तरह-तरह के ख्याल आने लगे। देसी भाभी के साथ सेक्स करना मेरा सपना था। मैंने तुरंत हां कर दी।


शाम को 7 बजे मैं उस पते पर पहुंचा। एक बड़ा सा बंगला था, बाहर से काफी शानदार दिख रहा था। मैंने दरवाजे की घंटी बजाई। कुछ देर बाद दरवाजा खुला और मेरे होश उड़ गए।

सामने एक हॉट सेक्सी भाभी खड़ी थी। उसने गहरे लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो बहुत ही सेक्सी लग रही थी। उसके बाल खुले थे, गोरा रंग, आंखों में काजल और होंठों पर गुलाबी लिपस्टिक। लेकिन जब मैंने उसके चेहरे को करीब से देखा, तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई।

यह मेरी अपनी सगी भाभी प्रिया थी! मेरे बड़े भाई रोहित की पत्नी!

भाभी ने भी मुझे पहचान लिया। उसके चेहरे पर हैरानी और शर्मिंदगी का मिला-जुला भाव था। हम दोनों एक-दूसरे को देखते रहे, कुछ बोल नहीं पा रहे थे।

“राहुल? तुम यहां?” भाभी ने हक्की-बक्की आवाज में पूछा।

“भाभी… आप… मैं…” मैं कुछ कह नहीं पा रहा था।

थोड़ी देर की खामोशी के बाद भाभी ने मुझे अंदर बुलाया। हम दोनों लिविंग रूम में बैठे। माहौल बहुत अजीब था।


सच्चाई सामने आई

भाभी ने कहा, “राहुल, मुझे माफ करना। मुझे नहीं पता था कि एजेंसी से आने वाला लड़का तुम होगे।”

मैंने पूछा, “भाभी, आप यह सब… मतलब भैया को…”

भाभी की आंखों में आंसू आ गए। “तेरे भैया बिजनेस के सिलसिले में महीने में 20-25 दिन बाहर रहते हैं। मेरी जरूरतें… मेरी इच्छाएं… वो पूरी नहीं कर पाते। मैंने सोचा एक बार ट्राई करके देखती हूं, कभी किसी को बताऊंगी नहीं।”

मैं समझ गया। यह हॉट इंडियन देसी भाभी सेक्स की भूखी थी। उसकी शादी को 3 साल हो चुके थे लेकिन वो अपनी हसरतें दबाए बैठी थी।

“भाभी, मैं चला जाता हूं,” मैंने कहा और उठने लगा।

भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया। “रुको राहुल। अब जब तुम आ ही गए हो और हम दोनों ही यहां हैं… और तुम्हें पता भी है… तो क्या तुम मेरी मदद नहीं करोगे?”

मैंने उसकी तरफ देखा। वो सच में बहुत सेक्सी देसी भाभी  लग रही थी। उसकी साड़ी का पल्लू कंधे से गिर रहा था और उसकी गोरा गला दिख रहा था। उसके बूब्स बड़े-बड़े थे जो ब्लाउज में कैद होकर भी अपनी आजादी की मांग कर रहे थे।

“भाभी, लेकिन यह गलत है… आप मेरी भाभी हैं…”

“सिर्फ नाते की भाभी हूं राहुल। खून का रिश्ता तो नहीं है। और मैं तुमसे वादा करती हूं, यह बात हम दोनों के बीच ही रहेगी।”


पहली बार: जब भाभी ने पहल की

इतना कहकर भाभी उठी और अपने कमरे की तरफ चल पड़ी। उसने मुड़कर मुझे इशारा किया। मेरे पैर खुद-ब-खुद उसके पीछे-पीछे चल पड़े।

कमरा बड़ा और आलीशान था। बीच में एक king size बेड था। भाभी ने बेडरूम का दरवाजा बंद कर दिया और मेरे सामने आकर खड़ी हो गई।

“राहुल, मुझे आज वो देना जो मुझे कभी नहीं मिला। मैंने जैसी तुम्हारी देसी भाभी की चुदाई करती हुई वीडियो देखी है , मुझे वैसा ही चाहिए। गरम, जोशीला, बिना रोक-टोक का सेक्स।”

यह सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने कभी सोचा नहीं था कि आज मुझे अपनी हॉट भाभी के साथ देवर के रिश्ते की जगह  आपको इस तरह से सेक्स करने का मौका मिलेगा और उनकी फैंटेसीज़ पूरी करनी होंगी।

भाभी ने अपने पल्लू को गिरा दिया। उसका ब्लाउज बहुत ही कम कपड़े वाला था, आधे बूब्स बाहर झांक रहे थे। उसने धीरे से अपनी साड़ी खोलना शुरू किया।

“आओ राहुल, आज मैं तुम्हारी हूं। आज रात तुम मेरे देवर नहीं, मेरे मर्द हो।”

मैं उसके पास गया। उसकी खुशबू मेरे सिर चढ़कर बोल रही थी। मैंने उसके कंधों पर हाथ रखे और धीरे से उसके गाल पर चूमा।

“भाभी, आप सच में बहुत खूबसूरत हैं।”

“आज से मैं सिर्फ तुम्हारी प्रिया हूं राहुल। कोई भाभी-भाभी मत कहो।”


मैंने उसकी साड़ी को पूरी तरह खोल दिया। वो अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। उसकी नाभि गहरी थी और पेट बिल्कुल सपाट। मैंने उसके ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए।

एक-एक करके तीनों हुक खुले और भाभी का ब्लाउज खुला। अंदर एक काला ब्रा था जो उसके बड़े-बड़े बूब्स को कसे हुए था। यह कमरे में देसी भाभी के साथ सेक्स का असली मजा था।

“वाह भाभी… मतलब प्रिया… तुम्हारे तो बहुत बड़े हैं,” मैंने कहा।

“36 साइज है राहुल। तेरे भैया को भी यही पसंद थे। पर वो इनका इस्तेमाल ठीक से नहीं कर पाते।”

मैंने उसका ब्रा खोल दिया। उसके बूब्स बाहर आ गए। गोल-गोल, गोरे गोरे, और बीच में गुलाबी निप्पल। मैं बस उन्हें देखता रहा।

“क्या देख रहे हो? पकड़ो इन्हें,” प्रिया ने कहा।

मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को पकड़ लिया। वो नरम और गर्म थे। मैंने उन्हें दबाना शुरू किया, मसलना शुरू किया।

“आह्ह्ह… हां राहुल… ऐसे ही… बहुत मजा आ रहा है,” प्रिया मचलने लगी।

मैंने एक निप्पल को मुंह में ले लिया और चूसने लगा। दूसरे को हाथ से मसल रहा था। यह indian bhabhi sex with young boy का सच्चा अनुभव था।


पेटीकोट उतारना और चूत देखना

प्रिया बुरी तरह गरम हो चुकी थी। उसने अपना पेटीकोट भी उतार दिया। अब वो सिर्फ पैंटी में थी। एक काली लेस वाली पैंटी जो उसकी चूत की झलक दे रही थी।

“उतार दो इसे भी राहुल। देखो मेरी चूत को,” प्रिया ने कहा।

मैंने उसकी पैंटी नीचे की। उसकी चूत साफ शेव थी, एकदम गुलाबी और चिकनी। बीच में चूत की दरार दिख रही थी जो पहले से ही गीली हो चुकी थी।

“भाभी की चूत तो बहुत सुंदर है,” मैंने कहा।

“चाटो इसे राहुल। मुझे चूत चटवाना बहुत पसंद है। तेरे भैया कभी ठीक से नहीं चटते।”

मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी टांगें फैला दीं। उसकी sexy desi bhabhi hardcore sex वाली चूत मेरे सामने थी। मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया।

“उम्म्म्म… हां… ऐसे ही… और अंदर डालो जीभ,” प्रिया चीख रही थी।

मैंने उसकी चूत की दरार में जीभ डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत का रस बहुत मीठा था। मैं उसे पी रहा था। यह bhabhi hot sex in saree से भी बेहतर अनुभव था क्योंकि अब भाभी बिल्कुल नंगी थी।


लंड चुसवाना

10 मिनट चूत चाटने के बाद प्रिया ने मुझे रोका। “अब मुझे तुम्हारा लंड चाहिए राहुल। मैंने कभी किसी और का लंड नहीं देखा सिवाय तेरे भैया के।”

मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरा लंड 7 इंच का था और पूरी तरह खड़ा था। प्रिया उसे देखकर हैरान हो गई।

“वाह! तुम्हारा तो तेरे भैया से भी बड़ा है। मोटा भी ज्यादा है,” प्रिया ने कहा और लंड को पकड़ लिया।

उसने लंड को हिलाना शुरू किया। फिर वो झुकी और उसे अपने मुंह में ले लिया। यह desi housewife bhabhi real sex का सबसे बेहतरीन हिस्सा था।

“उम्म्म… चुसो भाभी… और जोर से,” मैं कराह रहा था।

प्रिया लंड चूसने में माहिर थी। वो पूरा लंड अपने गले तक ले जा रही थी और फिर बाहर निकालकर चूस रही थी। उसने मेरे लंड के सुपारे को चाटा, नीचे की नसों को चूमा। मुझे बहुत मजा आ रहा था।


चूत में लंड डालना

5 मिनट लंड चुसवाने के बाद मैंने प्रिया को कहा, “अब डालूं इसे अंदर?”

“हां राहुल, बहुत गरम हो गई हूं मैं। धीरे से डालना, तुम्हारा बड़ा है।”

मैंने उसकी टांगें फैलाई और अपने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर रखा। थोड़ा सा थूक लगाकर मैंने एक धक्का दिया।

“उई मां… बड़ा है तुम्हारा… थोड़ा धीरे,” प्रिया चिल्लाई।

मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया। उसकी चूत बहुत टाइट थी। मैंने उसके बूब्स पकड़े और धक्के देने शुरू किए।

“आह्ह्ह… हां… ऐसे ही… चोदो मुझे राहुल… चोदो अपनी भाभी को,” प्रिया चिल्ला रही थी।

यह indian hot bhabhi big boobs sex का मजा था। मैं उसके बूब्स दबाते हुए उसकी चूत में लंड पेल रहा था। बेड पर “ठप ठप” की आवाजें गूंज रही थीं।


विभिन्न पोजीशन में चुदाई

मैंने प्रिया को डॉगी स्टाइल में बनाया। वो बेड पर घुटनों के बल हो गई और मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया। इस पोजीशन में उसकी गांड बहुत सेक्सी लग रही थी।

“हां राहुल… पीछे से चोदो मुझे… बहुत मजा आ रहा है,” प्रिया कह रही थी।

मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे और जोर-जोर से धक्के देने लगा। फिर मैंने उसे उल्टा लिटाया और उसकी टांगें उठाकर लंड डाला। इस पोजीशन में उसकी चूत और भी टाइट लग रही थी।

“भाभी… तुम्हारी चूत तो बहुत मस्त है,” मैंने कहा।

“तुम्हारा लंड भी कम नहीं है राहुल… आह्ह्ह… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत,” प्रिया चीख रही थी।

मैंने उसे अपनी गोद में बिठाया और व्हीलबैरो पोजीशन में उसे उठाकर चोदने लगा। उसके बूब्स मेरे मुंह के सामने थे, मैं उन्हें चूसता रहा।


गांड मारना

लगभग 20 मिनट चूत चोदने के बाद प्रिया ने कहा, “राहुल, एक काम करो… मेरी गांड भी मारो। तेरे भैया कभी हिम्मत नहीं करते।”

“सच में भाभी? आपकी गांड मारूं?”

“हां, बहुत दिनों से सोच रही हूं। पर तेल लगाकर धीरे से डालना।”

मैंने उसकी गांड में तेल लगाया और अपने लंड पर भी तेल लगाया। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में बनाया और लंड को उसकी गांड के छेद पर रखा।

“धीरे से राहुल… पहली बार करवा रही हूं,” प्रिया ने कहा।

मैंने धीरे से एक धक्का दिया। लंड का सुपारा अंदर चला गया। प्रिया चीखी, “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है… थोड़ा रुको।”

मैंने रुककर उसे सहलाया। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया। उसकी गांड बहुत टाइट थी और गर्म भी।

“अब चलो राहुल… धीरे-धीरे,” प्रिया ने कहा।

मैंने धीरे-धीरे धक्के देने शुरू किए। 2-3 मिनट में उसे मजा आने लगा और वो भी साथ देने लगी।

“हां… अब तेज करो… गांड मारो मेरी… बहुत मजा आ रहा है,” प्रिया चिल्ला रही थी।

मैंने पूरी ताकत से उसकी गांड मारी। “ठप ठप” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।


लगभग 40 मिनट की चुदाई के बाद मुझे झड़ने का एहसास होने लगा। मैंने प्रिया से पूछा, “भाभी… मुझे झड़ने वाला है… कहां निकालूं?”

“मेरे मुंह में निकालो राहुल। मैं पी जाऊंगी,” प्रिया ने कहा।

मैंने लंड बाहर निकाला और प्रिया ने तुरंत उसे मुंह में ले लिया। मैंने उसके मुंह में ही झड़ना शुरू कर दिया। गर्म-गर्म माल उसके मुंह में भर गया और वो सब पी गई।

“उम्म्म… बहुत मीठा है तुम्हारा माल राहुल,” प्रिया ने कहा और मेरा लंड चाट-चाटकर साफ किया।


दूसरा राउंड: रात भर की चुदाई

थोड़ी देर आराम करने के बाद प्रिया फिर गरम हो गई। इस बार वो मुझ पर छा गई और मेरा लंड अपने हाथ से सहलाने लगी। 10 मिनट में ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।

“अब मैं तुम पर सवारी करूंगी,” प्रिया ने कहा।

वो मेरे ऊपर बैठ गई और अपने हाथ से मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत में डाल लिया। फिर वो ऊपर-नीचे उछलने लगी। उसके बूब्स उछल-उछलकर मुझे बहुत मजा दे रहे थे।

“आह्ह्ह… भाभी… बहुत मजा आ रहा है,” मैं कराह रहा था।

“मुझे भी राहुल… तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है,” प्रिया कहते हुए तेजी से उछल रही थी।

इस बार हमने 69 की पोजीशन भी ट्राई की। मैं नीचे लेटा और प्रिया मेरे ऊपर इस तरह बैठी कि उसकी चूत मेरे मुंह में थी और मेरा लंड उसके मुंह में। हम दोनों एक-दूसरे को चाट रहे थे।

रात भर हमने तीन बार सेक्स किया। हर बार नई-नई पोजीशन में। प्रिया बहुत संतुष्ट हो गई थी।


सुबह का माहौल

सुबह जब मेरी आंख खुली तो प्रिया मेरे बगल में सो रही थी। उसने अपना सिर मेरी छाती पर रखा हुआ था। मैंने उसके बालों में हाथ फेरा।

वो जाग गई और मुझे देखकर मुस्कुराई। “गुड मॉर्निंग राहुल। कैसी रही रात?”

“बहुत अद्भुत भाभी… मतलब प्रिया। जिंदगी का सबसे बेहतरीन अनुभव था,” मैंने कहा।

“मुझे भी बहुत मजा आया। तुम बहुत अच्छे हो।”

हमने सुबह नहाने के बाद एक बार और सेक्स किया। इस बार बाथरूम में। शावर के नीचे खड़े होकर मैंने उसे पीछे से चोदा।


अलविदा और भविष्य की योजना

दोपहर को मुझे जाना था। प्रिया ने मुझे 50,000 रुपये दिए।

“राहुल, यह पैसे लो। तुमने मुझे वो दिया जो मैं चाहती थी।”

“भाभी, पैसे मत दो। मैं तुमसे पैसे नहीं लूंगा।”

“नहीं राहुल, यह तुम्हारी फीस है। और एक बात, अगर तुम चाहो तो हम यह सिलसिला जारी रख सकते हैं। जब भी तेरे भैया बाहर हों, तुम आ सकते हो।”

मैंने पैसे ले लिए और कहा, “जरूर भाभी। मैं तो हमेशा तैयार हूं।”

“और हां, यह बात हम दोनों के बीच ही रहेगी। किसी को मत बताना।”

“वादा है भाभी।”


निष्कर्ष

यह थी मेरी और मेरी सगी भाभी की कहानी। एक Desi Bhabhi sex की कहानी जो शायद कई Indian Desi Bhabhi की कहानी होती है जो अपनी जरूरतें पूरी नहीं होने पर दूसरे रास्ते अपनाती हैं।

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